Related Posts with Thumbnails

Thursday, 4 February 2016

जहॉं से चला था, घुम-फि‍रकर वहीं आ गया !


जब मैंने वर्ष 2003 में पढ़ाना शुरू कि‍या था तब कि‍सी परि‍चि‍त ने एक पहॅुचे हुए ज्‍योति‍ष से मि‍लवाया था। उन्‍होंने कहा कि‍ मुझे 40वें साल्‍ में नौकरी मि‍लेगी। 2003 में मैं करीब 27 साल का था और उनकी बात को नजरअंदाज करते हुए सोचा कि‍ क्‍या बकवास है, मैं ज्‍यादा से ज्‍यादा 4-5 साल में नौक्‍री ले लूँगा। पर मुझे क्‍या पता था कि‍ मैं अपनी दि‍शा ही बदल लूँगा। मैं सरकारी नौकरी को छोड़कर प्राइवेट कामों में ध्‍यान लगाने लगा लेकि‍न जल्‍द ही इस लाइन की अनि‍श्‍चि‍तता और अपनी क्षमता का अहसास हो गया और 2014 में कॉलेज में फि‍र से पढाने का नि‍श्‍चय कि‍या। और अब करीब 39वें साल की उम्र में अरविंदो कॉलेज, दि‍ल्‍ली में पढ़ाने का अवसर मि‍ला है तो उस ज्‍योति‍ष की बात सोचकर सुखद हैरानी होती है और वह उम्‍मीद भी जगाती है। उस बात को मैं एक बुजुर्ग के आशीर्वाद के रूप में ग्रहण करता हूँ। हालॉंकि‍ मैं भवि‍ष्‍यवाणी वगैरह पर वि‍श्‍वास नहीं करता।