Related Posts with Thumbnails

Saturday, 30 August 2008

जो 10 दि‍न तक चुप रहना चाहते हैं!

सरदर्द, अनीद्रा, थकान जैसी बीमारियाँ तो इस साधना से जरुर दूर हो जाती हैं (ये लि‍खते हुए लग रहा है जैसे मैं कोई तेल बेच रहा हूँ।) पर वि‍पश्‍यना के कुछ अन्‍य लाभ भी हैं। दि‍न भर कुछ-न-कुछ खाते रहने वाले लोगों के मुँह पर लगाम लग जाती है, और जि‍न्‍हें खूब बकबक करने की आदत है, उनकी जुबान पर भी 10 दि‍न के लि‍ए ताला लग जाता है। इस तरह, 10 दि‍न का खाना भी बच जाता है और लोग भी 10 दि‍न तक उसकी बकबक से बच जाते हैं।
अब आप मुझे उन ब्‍लॉगरों का नाम दें, जि‍नसे आप 10 दि‍न की छुट्टी चाहते हैं, मैं उनका नाम वि‍पश्‍यना केन्‍द्र में रजीस्‍टर्ड करवा दूँगा! (मुझे बख्‍श देंगे, मैं अभी हाल में ही होकर आया हूँ और अभी मैंने लोगों को पकाना शुरु नहीं कि‍या है।)

अब कुछ काम की बात- जो लोग यहॉं जाना चाहते हैं, वे इस रुटीन को ठीक से देख-समझ लें-
THE COURSE TIMETABLE
The following timetable for the course has been designed to maintain the continuity of practice. For best results students are advised to follow it as closely as possible.
4:00 am Morning wake-up bell
4:30-6:30 am Meditate in the hall or in your room
6:30-8:00 am Breakfast break
8:00-9:00 am Group meditation in the hall
9:00-11:00 am Meditate in the hall or in your room according to the teacher's instructions
11:00-12:00 noon Lunch break
12noon-1:00 pm Rest and interviews with the teacher
1:00-2:30 pm Meditate in the hall or in your room
2:30-3:30 pm Group meditation in the hall
3:30-5:00 pm Meditate in the hall or in your own room according to the teacher's instructions
5:00-6:00 pm Tea break
6:00-7:00 pm Group meditation in the hall
7:00-8:15 pm Teacher's Discourse in the hall
8:15-9:00 pm Group meditation in the hall
9:00-9:30 pm Question time in the hall
9:30 pm Retire to your own room--Lights out

इसको पढ़ने के बाद भी कि‍सी की इच्‍छा-शक्‍ति‍ प्रबल है तो मैं उनके लि‍ए मैक्‍लॉडगंज स्‍थि‍त धम्‍म शि‍खर वि‍पश्‍यना केन्‍द्र के वेब साइट का लिंक यहॉं दे रहा हूँ , पर ध्‍यान रहे, बाद में आप मुझे मत कहना कि‍ जीतेन ने कहॉं फँसा दि‍या यार!
भारत के अन्‍य वि‍पश्‍यना शि‍वि‍र का पता इस लिंक पर देखें।
कुछ लोग सोचते होंगे 10 दि‍न की जगह दो-चार दि‍न का शि‍वि‍र होता तो कि‍तना अच्‍छा होता! यदि‍ आप पहली बार 10 दि‍न का शि‍वि‍र सम्‍पन्न कर लेते हैं तब अगली बार से आप कभी भी सि‍र्फ तीन दि‍न के शि‍वि‍र में रहकर एक सीनि‍यर साधक की तरह नये साधकों की मदद कर सकते हैं। पर चुप तो तब भी रहना पड़ेगा। एक बात कहना चाहूँगा- इस चुप्‍पी का संबंध सि‍र्फ मुँह बंद करने से नहीं है, इसे NOBLE SILENCE कहा जाता है, जि‍सका मतलब है- silence of body, speech, and mind.
भारत के तमाम राज्‍यों में वि‍पश्‍यना केन्‍द्र है, बौद्ध देशों के अलावा कैलि‍फोर्नि‍या समेत बड़े-बड़े राज्‍यों/देशों में भी इसके केन्‍द्र खुले हुए हैं।(बाकी सूचनाऍं आप गुगल पर सर्च कर सकते हैं।) और हॉं, वि‍पश्‍यना शि‍वि‍र में जाने के लि‍ए कम-से-कम एक-दो महि‍ने पहले ही अपने पसंदीदा केन्‍द्र में अपना नाम-पता रजीस्‍टर्ड करवाना पड़ता है।
तो देर कि‍स बात की! जाइए और जाकर खुद को रि‍चार्ज कीजि‍ए। वि‍पश्‍यना शि‍वि‍र में जाकर पहली बार 10 दि‍न का रि‍चार्ज कूपन लीजि‍ए, फि‍र अगली बार, तीन दि‍न के टॉप-अप से ही शि‍वि‍र में रहने का लाभ ले सकते हैं।

5 comments:

मुन्ना (kunal)पांडेय said...

kabhi gandhi bhawan (d.u.)ke grishmakaleen yog-aadhyatm shivir mein jaaiye,ye bhi kam irri....nahi hai. june 2009 mein ye log dubaara GANGOTRI jaa rahe rahe hai.schedule main diye deta hoon-
5:30-nitya kriyaa
6:00-yog
7:00-yagna (gayatri yagna)
8:00-breakfast
8:30-snan wagairah (jo rah gaye ho)
9:30-11:30-dhyaan saadhna (outside of the camp)
12:30-lunch-time
break till 2:30pm
2:30-technical session (mostly discussed topic on existence of bhoot-pret and all)
4:00-evening yoga
5:00-evening tea with snacks
6:00-discussion in groups on any topic given by guruji
7:30-8:30-dinner
8:30-9:30-bhajans
----------can you imagine these 10-12 days..

Lovely kumari said...

NA BABA NA AAP HI JAO..HAME BHUKO MARNE KA SOUK NAHI :-)

नीरज गोस्वामी said...

जीतेन्द्र जी
महत्वपूर्ण सूचना के लिए आभार...मैं देख रहा हूँ की इस केन्द्र में दस दिनों की तपस्या के लिए अब नौजवान लड़के लड़कियां भी उत्सुक हो रहे हैं...जो एक अच्छा संकेत है.
नीरज

भुवनेश शर्मा said...

बिरादर आपकी पूरी यात्रा शुरू से पढ़ता आ रहा हूं....पर कमेंट पहली बार दे रहा हूं.

विपश्‍यना के बारे में जानने को मैं भी उत्‍सुक रहा हूं...आपके ब्‍लॉग पर आकर मुझे काफी कुछ जानकारी मिली. इतना कुछ जानकर किसी शिविर में जाने का मूड बन रहा है...देखते हैं कब जा पाते हैं
बहुत बहुत शुक्रिया बिरादर

मुनीश ( munish ) said...

very interesting indeed.